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Hurting Effect.....

Do you know what happens when you hurt people ?
The only answer is ,
When you hurt people , they begin to love you less !
That's what ignorance and careless words do.
They make people love you a little less.
Yes ! Little bit less !

Without YOU.....

.....and then he starts crumbling.....
He falls ,
He falls apart ,
So what do you do ?
You watch !
You've always just watched.
You might not be the only reason ,
But you have the biggest contribution for his deterioration.So every single time you make him feel unwanted !
You walk over his pride.
You act like an ignorant !
You make him 'Unwanted' you a little more !
And then there will be a day ,
When you'll meet a man instead of a boy ,
Who will look into your eyes ,
And will tell you how he no longer feels the need to be near You.....
Who don't open your profile every time when he opens his Facebook ,
Who don't dream to be with you anymore ,
Who will not say anymore that Your Eyes are so beautiful ,
Who can say you that you don't come to his dreams anymore ,
Who don't stuck to your photos for hours ,
Who can live without you ,
Who can survive without you ,
Who can see you to be with someone else ,
Who can breathe without you ,
Who breathes freely ,
Wi…

दूरियाँ साथ-साथ.....

हम साथ भी ऐसे थे !
.
जैसे पटरियां रेल की.....!!!!!
.
हम न बिछड़े कभी !
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हम कभी मिले भी नहीं.....!!!!!हम साथ ठीक उसी तरह थे !
.
जैसे किनारे हों किसी दरिया के.....!!!!!
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चले भी साथ-साथ !
रूके भी साथ-साथ !
बहे भी साथ-साथ !
.
हम कभी बिछड़े नहीं !
.
लेकिन कभी मिले भी नहीं !
.
शायद कभी मिलेंगे.....
तब जब दरिया सूख जायेगी !
तब जब दोनों साहिल आपस में खो जायेंगे !
उस वक्त कोई अलग नहीं कर पायेगा !
.
जब कभी दरिया फिर जनम लेगी !
फिर उसके दो किनारे हो जायेंगे !
फिर उनके साथ वही होगा !
वो फिर अपने मिलन का इंतजार करेंगे !
.
मिलेंगे !
लेकिन तब , जब फिर बहुत देर हो चुकी होगी !
जब दोनों बे-जान हो चुके होंगे !
.
फिर भी वो अपने मिलन पर खुश होंगे.....!!!!!
.
.
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.
.
शायद !
😊😊😊😊😊

अधूरा आसमाँ.....

अधूरा आसमाँ.....!!!!!आज पूर्णिमा को भी आसमान अधूरा सा लगा.....
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क्यूंकि आसमान में आज एक ही चाँद था.....!!!!!
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पूरी रात मैं बस दूसरे चाँद को ढूंढ़ता रहा.....
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ढ़ूंढ़ता रहा.....ढूंढ़ता ही रहा.....!!!!!
.
पता नहीं पास आने को या दूर जाने को.....!!!!!
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इस तरह सुबह हो गयी !
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न चाँद दिखा !
न वो पास आया !
न ही वो दूर जा सका !मानो कहीं आस-पास ही भटक रहा है.....!!!!!
.
वो चाँद !
हाँ वही ! दूसरा चाँद.....!!!!!
😊😊😊😊😊

रिश्ता !

रिश्ता.....!!!!!तुमसे मेरा रिश्ता सिर्फ़ इतना सा था.....
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कि दो आखों से तुम ही रिसते रहे.....!!!!!
😊😊😊😊😊

छुपन-छुपाई

एक तुम !
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एक मैं !
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एक ये दुनिया !
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दोनों मिलते हैं.....
.
तीसरे से छुप-छुप के.....!!!!!
😊😊😊😊😊

⊙He-She.....⊙

We'll be forever was what he promised her.....
Days later when she saw him lying on the Ventilator table of the Hospital taking his last Breath made He realised that His promise never mattered.....
😊😊😊😊😊

जब तुम.....!!!!!

मुझको भी बतलाकर जाना !
हाथ छुड़ाना मुझसे जब तुम.....मत लेना पहचान कभी जो !
आँख मिलाना मुझसे जब तुम.....भेंट न हो ये कोशिश करना !
राह बचाना मुझसे जब तुम.....बस यूँ ही.....
😊😊😊😊😊

हिसाब !

सोचा कि ,
आँसुओं का तकिये की नमी से बढ़कर ,
कुछ तो हिसाब होता होगा !
कोई तो देखता होगा !आखिर ,
आँसू तो आँसू थे !
जुड़े तो आँसू ही बने !
बहे और उड़ गये ,
किसी को खबर भी न हुई !
😊😊😊😊😊
सवाल अब भी वही है !
हिसाब हुआ या बाकी है ?
😒😒😒😒😒©ImSaurabh99

मैं, मौसम और हम.....

बारिश रुलाती है ,
ठंड दिलासा दे जाती है ,
और गर्मियां फिर से बारिशों के आने की बेचैनी बढ़ाती हैं.....
सर्दी मैं उस अलाव के पास बैठकर बिताना चाहता हूँ ,
जहां मुस्कुराते हुए अपनी पुरानी बातों की लकड़ियों को आग में डाल दूंगा.....
फिर कुछ नई बातों से नया मौसम बनेगा.....
सुबह उठने पर सब कुछ धुंधला होगा.....
इतना कोहरा होगा कि हमें कोई नहीं दिखेगा.....
सारी बातें जल चुकी होंगी ,
और बस हम अपने नजदीक तक का ही देख सकेंगे.....
धीरे से धूप आएगी ,उसे तापेंगे और शाम को हवायें फिर से सर्द हो जायेंगी.....
इसी तरह मौसम कट जाएगा.....
फिर वही गर्मी होगी जो बेचैनी बढ़ाएगी ,
बारिश का खूब इंतजार करवाएगी..... उन बारिशो का नहीं , जो मैं नहीं चाहता ,जो रुलाती हैं.....
बल्कि उस बारिश का , जो हम और आप इत्मीनान के साथ बिताने वाले हैं.....©ImSaurabh99